Monday, June 3, 2019

हमें अच्छी किताबें पढ़ने की जरूरत क्यों है

June 03, 2019 Posted by BKRICHA No comments
ये कोई सबाल मात्र नहीं है, यह हमारे मन में बैठा जिज्ञासा का एक कीड़ा है।  जो हर पल हमसे कुछ न कुछ पूछते रहने को विवश करता रहता है।  अमूमन जब हम अपने दोस्तों,  रिश्तेदारों के साथ बैठे होते है. जैसे किसी विवाह के समारोह में या फिर कोई और function पर। तब हम हमेशा पाते हैं कि वहाँ कोई न कोई ऐसा व्यक्ति होता है जो सबका ध्यान अपनी ओर आकर्षित किये होता है, हर उम्र के लोग उसके आसपास घेरा लगाए होते हैं। उनमें से कुछ factual बाते कर रहे होते हैं और कुछ फ़ालतू का मुँह बजा रहे होते हैं।  पर इस सबसे हम फिर वहीँ पहुंच जाते है जहा वो एक अकेला व्यक्ति बैठा होता है और सभी उसकी बातें बड़े ही ध्यान से सुन रहे होते हैं।

याद रखिये एकबात आपकी पोशाक, आपका चेहरा, आपका शरीर कैसा भी हो अगर आपका व्यक्तित्व अच्छा नहीं है अगर आपको knowledge नहीं है, आपको देश दुनिया के बारे में नहीं पता है और आप कोई बहुत बड़े celebrities भी नहीं हैं तो थोड़ी देर के बाद लोग आपको भाव देना बंद कर देंगे। आप उनको कितना भी अपने कपड़ों, अपनी सुंदरता की तरफ आकर्षित करना, अगर आपका चारित्रिक विकास, आपके बौद्धिक विकास के बराबर नहीं पहुंच पाया तो आपके द्वारा की गयी सभी प्रकार भी मेहनत व्यर्थ है।
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अच्छी Knowledge  अच्छी किताबों को पड़ने से ही मिलती है क्योंकि इस दुनिया में बहुत ही महान - महान लोगो का जन्म हो चुका  है और वो अपना इतिहास खुद  लिखकर गए हैं।  तो इसके बारे में अगर हम कोई चर्चा भी करेंगे तो उससे पहले हमें उस व्यक्ति विशेष के बारे में पूरी जानकारी होना बहुत जरूरी है।  तो ये ज्ञान हमें किताबों से ही मिलेगा, अगर कोई भी व्यक्ति हमसे बोलता है कि  किताबें न पढ़ो Internet पर बहुत सरे videos available हैं उन्हें देखो। किताब पढ़ने की जरूरत क्या है।  वो लोग गलत होते है जो आपको ऐसी सलाह देते हैं और गलत होता है उनका तरीका आपको सही समझने के लिए।

क्योंकि किसी भी वहस के मुद्दे में पड़ने से पहले आपको अपने ज्ञान को बहुत बढ़ाना होता है। और ये ज्ञान आपको सिर्फ किताबें ही दे सकती है।
            आपको एकबात और बता देना चाहता हूँ कि  ये बात मैं संक्षेप में भी लिख सकता था लेकिन मेरा मांनना हैं कि  प्रत्येक व्यक्ति को कोई भी प्रश्न का जबाब देने से पहले उसको उसके द्वार पूछे गए प्रश्न का पूर्ण संतुस्टी से जबाब जरूर देना चाहिए।  नहीं तो सामने वाला व्यक्ति कम ज्ञान को लेकर , कम बात को समझकर ये समझ लेता है कि  हाँ उसकी सभी समस्याओं का निदान अब हो गया है और फिर वह अपने प्रश्न को बीच में ही छोडकर चले जाते हैं।

तो मेरे इस पूरे लेख के माध्यम से मैं आपको ये ही सन्देश देना चाहूंगा कि अगर अपने आप को सर्वश्रेष्ठ बनाना है तो अधिक से अधिक किताबों का गहन अध्ययन करना होगा ताकि खुद को, अपने से छोटे, अपने से बड़े, और निरक्षर लोगो को अपनी बात एक सही ढंग में समझा सको। क्योंकि किताबें कोई सिर्फ कहानी मात्र ही नहीं होती  हैं। लोगो का पूरी ज़िन्दगी का तजुर्वा भी होती हैं। इसलिए एक किताब का उतना ही सम्मान करो जितना तुम अपने माता पिता का करते हो।

फिर देखना एकदिन तुम सर्वश्रेष्ठ भी बनोगे और सर्वज्ञानी भी।

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